नवरात्रि के नौ व्रत में कुट्टू और सिंघाड़े के आटे की मांग मार्केट में बढ़ जाती है, क्योंकि इससे बनी चीजों को फलाहार के तौर पर लिया जाता है. सिंघाड़ा और कुट्टू दोनों का ही आटा कई न्यूट्रिशन से भरपूर होता है, लेकिन मिलावट की वजह से फूड पॉइजनिंग हो सकती है और गंभीर तरह से तबियत बिगड़ सकती है. हर साल कहीं न कहीं से कुट्टू के आटे से बीमार होने की खबरे आती हैं और इस बार भी कुट्टू के आटे की वजह से फूड पॉइजनिंग के कई मामले सामने आए हैं. अगर आप भी व्रत में कुट्टू का आटा खा रहे हैं तो जान लें कि किस तरह से उसमें मिलावट की पहचान की जा सकती है.
कुट्टू के आटा में खड़िया मिट्टी, भूसी, सेलखड़ी जैसी चीजें मिलाई जाती हैं. इसके अलावा भी कई चीजों की मिलावट की जाती है. व्रत में शुद्ध चीजें खाई जाएं और सेहत भी सही रहे, इसके लिए जान लेते हैं कि कैसे आप आटे में मिलावट की पहचान कर सकते हैं.
सेलखड़ी या भूसी की मिलावट कैसे पहचानें
आटे में चाक, भूसी या फिर सेलखड़ी की मिलावट पहचाने के लिए आप पानी में घोलकर देख सकते हैं. इससे आटा ऊपर आ जाएगा और सेलखड़ी या फिर चाक का पाउडर नीचे बैठ जाता है. वहीं भूसी के कण ऊपर तैरने लगते हैं. इस तरह से आप मिलावट की आसानी से पहचान कर सकते हैं.
गर्म तवा पर डालकर देखें
आटे के जब आप गर्म तवा पर डालेंगे तो जलकर वो राख बनने लगता है और ब्राउन होने की स्टेज पर अच्छी खुशबू देता है. वहीं अगर सेलखड़ी या किसी अन्य पाउडर की मिलावट हो तो राख सफेद रंग छोड़ती है और स्मेल भी बदल सकती है.
टेक्स्चर से करें पहचान
आप आटे के टेक्सचर से भी मिलावट की पहचान कर सकते हैं. हाथों में लेकर मसलने पर अगर आटा ज्यादा चिकना लग रहा है तो उसमें मिलावट हो सकती है. बिना मिलावट का आटा हल्का मोटा होता है और मुलायम होगा, लेकिन चिकना महसूस नहीं होगा.
इस तरह का आटा खाना सबसे बेस्ट
व्रत में शुद्धता का बेहद ध्यान रखा जाता है, लेकिन मार्केट में मिलने वाली चीजों में मिलावट की बहुत ज्यादा संभावना रहती है. अगर आप व्रत में कुट्टू या फिर सिंघाड़े के आटे से बनी चीजें खाते हैं तो सबसे बेहतर है कि आप इन चीजों को साबुत ले लें. इसे धोकर सुखाने के बाद चक्की पर पिसवा लें. इस तरह से व्रत के लिए बिना मिलावट की शुद्ध आटा तैयार हो जाएगा और आप इसे बिना डरे खा सकते हैं जो हेल्थ के लिए भी काफी फायदेमंद रहता है.
खरीदते वक्त ये बातें रखें ध्यान
कुट्टू का आटा खरीदते वक्त ध्यान रखें कि ये खुला हुआ दुकानों से न लें. किसी अच्छे सर्टिफाइड ब्रांड का आटा ही खरीदें. आटे की मैन्युफैक्चरिंग डेट चेक कर लें कि बनने के बाद इसे कितने दिनों तक यूज किया जा सकता है. इस तरह से आप काफी हद तक मिलावटी आटे से बच सकते हैं, हालांकि सबसे अच्छा तरीका है तो है साबुत अनाज को पिसवाना.